क्रिकेट वर्ल्ड कपः गैर-भारतीयों को नहीं थी टीम इंडिया के लीग दौर में टॉप पर रहने की उम्मीद

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बर्मिंघम। बड़े टूर्नामेंट मे अक्सर टिकटों की काला बाजारी की कोशिश होती है या ऐसा होना आम बात है। इस समस्या पर काबू पाने के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ( आईसीसी ) ने एक नई नीति ( रिटर्न पॉलिसी ) शुरू की है। इस नीति के तहत अगर प्रशंसक अपने टिकट वापस करते हैं तो उन्हें पूरी रकम लौटाई जाएगी।

आईसीसी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह टिकट को लेकर होने वाली काला बाजारी को समाप्त करने की परिषद की एक कोशिश है। हम इसमें कामयाब होंगे या नहीं ये आगे की बात है लेकिन हम यह कोशिश करने जा रहे हैं।

अधिकारी ने कहा, “सच कहें तो आप टिकट को लेकर होने वाली काला बाजारी की प्रक्रिया को पूरी तरह से समाप्त नहीं कर सकते। अगर कोई व्यक्ति आधिकारिक वेबसाइट और काउंटर से टिकट खरीदकर बढ़ी हुई कीमत पर उसे बेचने की कोशिश करता है तो हम कुछ नहीं कर सकते।”

उन्होंने कहा, “लेकिन इस नई नीति के जरिए आईसीसी प्रशंसकों को टिकट वापस करके अपनी रकम वापस लेने का मौका दे रहा है ताकि वह टिकटों की कीमत बढ़ाकर उसे बाहर न बेचें। इसके बाद, निर्णय प्रशंसकों को ही लेना है।”

इस नीति के कारण ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम और न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के बीच हुए आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 ( ICC Cricket World Cup 2019 ) के अहम मुकाबले में भी कुछ भारतीय प्रशंसकों को लाभ हुआ।

अधिकारी ने कहा, “हां आपने सही देखा कि कुछ मैच के दिन कुछ टिकट बिके क्योंकि कई गैर-भारतीय प्रशंसकों को यह आशा नहीं थी कि विराट कोहली की टीम लीग स्तर में शीर्ष पर रहेगी।”

टिकट वापसी की प्रक्रिया के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा, “टिकट को भौतिक रूप से वापस करना आवश्यक नहीं है। अगर वे आईसीसी के ई-टिकट सेक्शन में एक मेल डालते हैं तो ई-टिकेट और बारकोड दोबारा बनाकर अन्य लोगों को दिए जा सकते हैं। पूरी प्रक्रिया को सरल बनाने का इरादा है।”

Source: Patrika cricket
क्रिकेट वर्ल्ड कपः गैर-भारतीयों को नहीं थी टीम इंडिया के लीग दौर में टॉप पर रहने की उम्मीद