जस्ट लुक सॉफ्टवेयर खराब : एडिटेक इन्फोटेक प्रा.लि. कम्पनी को जुर्माने व रखरखाव की राशि सहित 2.20 लाख देने के आदेश

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उदयपुर. नारायण सेवा संस्थान में एडिटेक इन्फोटेक प्रा.लि. कम्पनी द्वारा लगाए गए जस्ट लुक सॉफ्टवेयर के सही संचालन नहीं करने से संस्थान को हुए नुकसान को देखते हुए जिला उपभोक्ता मंच ने कम्पनी को रखरखाव के लिए गए दो लाख रूपए मय ब्याज, मानसिक परेशानी व परिवाद व्यय के 20 हजार रूपए पृथक से अदा करने के आदेश दिए.

प्रकरण के अनुसार हिरणमगरी सेक्टर-4 स्थित नारायण सेवा संस्थान जरिये अधिकृत प्रतिनिधि कार्मिक हेड दिलीप जोशी ने एडिटेक इन्फोटेक प्रा.लि. अहमदाबाद, गुजरात के मैनेजर के खिलाफ जिला उपभोक्ता मंच में 18 जनवरी 2016 को परिवाद पेश किया, जिसमें बताया कि कर्मचारी की प्रतिदिन हाजरी दर्ज की जाती है. संस्थान में आनेजाने वाले विभिन्न आगंतुकों की भी उपस्थिति दर्ज की जाती है. तीन वर्ष पूर्व परिवादी की ओर से एडिटेक इन्फोटेक प्रा.लि. से सम्पर्क किया तो कम्पनी ने संस्थान में आनेजाने वाले कर्मचारियों, आगंतुकों की आनेजाने की जानकारी बताने संबंधी एक ऑनलाईन सॉफ्टवेयर जस्ट लुक एचआरएम सोल्यूशन के बारे में बताते हुए कहा कि इस सॉफ्टवेयर की मदद से संस्थान में आनेजाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की उपस्थिति सुनिश्चित हो सकेगी. बताया कि यह उच्च गुणवत्ता वाला सॉफ्टवेयर सिस्टम कैमरे में उपस्थित है. संस्थान ने कम्पनी पर विश्वास करते हुए 12 लाख 36 हजार 250 रूपए 1 नवम्बर 2012 को अदा कर वार्षिक मेंटीनेंस सहित अन्य मदों में 2 लाख 10 हजार रूपए अतिरिक्त दिए. इस तरह संस्थान द्वारा 14 लाख 46 हजार 250 रूपए का कम्पनी को भुगतान किया गया. कम्पनी द्वारा लगाया गया जस्ट लुक सिस्टम कुछ समय तक तो सही चला उसके पश्चात सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया. संस्थान में आनेजाने वाले कर्मचारी व लोगों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही थी. कम्पनी से शिकायत की तो उसने सर्वर डाऊन होना बताया. कम्पनी ने आश्वस्त किया कि सिस्टम को दुरूस्त कर दिया है अब इसमें परेशानी नहीं आएगी, लेकिन फिर भी इस सॉफ्टवेयर से संस्थान को काफी नुकसान हुआ. जिला उपभोक्ता मंच ने नारायण सेवा संस्थान के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए जस्ट लुक एचआरएम सोल्यूशन के खराब होने पर एएमसी होने के उपरान्त भी कम्पनी द्वारा दुरूस्त नहीं करने से सेवा दोष माना. कम्पनी के सेवा दोष से संस्थान अनुतोष का अधिकारी है. मंच ने कम्पनी को 24 सितम्बर 2016 को नोटिस भी भेजा लेकिन तामिल होने के बाद भी कम्पनी की ओर से कोई न्यायालय में पेश नहीं हुआ और न ही जवाब पेश किया. कम्पनी द्वारा नारायण सेवा संस्थान में लगाए गए जस्ट लुक सॉफ्टवयर के 12,36,250 रूपए, मेंटीनेंस के निमित्त 2 लाख रूपए मेंटीनेंस के प्राप्त किए. यह मेंटीनेंस राशि 2014 से 2015 अवधि तक की थी.

जिला उपभोक्ता के अध्यक्ष कमलचंद नाहर, सदस्य अंजना जोशी एवं डॉ. भारतभूषण ओझा ने आदेश दिया कि एडिटेक इन्फोटेक प्रा.लि. दो माह में रखरखाव के लिए दो लाख रूपए उस पर 9 प्रतिशत ब्याज के साथ राशि अदा करे साथ ही मानसिक संताप व परेशानी के 15 हजार, परिवार व्यय के 5 हजार रूपए कुल 20 हजार रूपए संस्थान को देने के आदेश दिए. यदि आदेश की पालना नहीं की तो उपभोक्ता मंच की धाराओं के अनुसार कारावास की सजा भुगतनी होगी.

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Report By Udaipur Kiran

Source: Udaipurkiran
जस्ट लुक सॉफ्टवेयर खराब : एडिटेक इन्फोटेक प्रा.लि. कम्पनी को जुर्माने व रखरखाव की राशि सहित 2.20 लाख देने के आदेश