जेईई एडवांस्ड का एग्जाम स्किप करने वालों का ग्राफ 29.38 फीसदी पहुंचा

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जोधपुर. जेईई एडवांस्ड का पेपर 27 मई को हाेगा। एडमिट कार्ड 20 मई को अपलोड कर दिए जाएंगे। 23 आईआईटीज में इसी परीक्षा की रैंक के आधार पर एडमिशन मिलता है लेकिन क्वालिफाई होने के बाद भी इस साल देश भर के 72 हजार स्टूडेंट्स ने एडवांस्ड के लिए एप्लाई नहीं किया।जेईई-एडवांस्ड से देशभर की 23 आईआईटी में 11,279 सीटों प्रवेश दिया जाता है। वहीं जेईई-मेन्स के माध्यम से 31 एनआईटी, 23 ट्रिपल आईटी और 23 जीएफटीआई की लगभग 25 हजार सीटों पर प्रवेश मिलता है।पिछले चार साल की बात करें ताे क्वालीफाई करने के बावजूद एडवांस्ड नहीं देने वाले स्टूडेंट्स की संख्या ताे लगातार कम हो रही है लेकिन मेन्स में एपीयर हाेने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ रही है। 2016 में जहां 1.98 लाख कैंडिडेट्स एडवांस्ड के लिए क्वालिफाई हुए थे वहीं 2019 में ये संख्या 47 हजार बढ़कर 2.45 लाख हो गई है। इस साल 1.73 लाख स्टूडेंट्स ने ही एडवांस्ड के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। एडवांस्ड क्लीयर करने के बाद आईआईटी में एडमिशन के लिए स्टूडेंट्स को बोर्ड एग्जाम में या तो 75 प्रतिशत या टॉप 20 परसेंटाइल में आना जरूरी है।ये हैं वो कारण जिस वजह से स्टूडेंट्स नहीं देते हैं एडवांस्ड का पेपरसबसे बड़ा कारण मेन्स में पीछे की रैंक आना है। इससे एडवांस्ड में अच्छी रैंक की उम्मीद नहीं रहती है। इसलिए ऐसे स्टूडेंट्स एनआईटी या अन्य किसी ऐसे संस्थान में एडमिशन ले लेते हैं जहां उन्हें पसंद की ब्रांच मिल रही हो।12वीं का रिजल्ट मेन्स के रिजल्ट के बाद और एडवांस्ड्ड के पेपर से पहले आता है। जो स्टूडेंट्स बोर्ड एग्जाम में 75 प्रतिशत स्कोर नहीं कर पाते हैं वे स्वत: ही एडवांस्ड के लिए डिसक्वालिफाई हो जाते हैं।मेन्स के लिए स्टूडेंट काे तीन अटेंप्ट मिलते हैं और एडवांस्ड के लिए दाे। जिनके एडवांस्ड के दाे अटेंप्ट हाे चुके हैं, वे मेन्स का तीसरा अटेंप्ट एनआईटी या दूसरे संस्थान में एडमिशन के लिए देते हैं।इस बार रजिस्ट्रेशन पीरियड के दौरान लास्ट तीन दिनों में एडवांस्ड की वेबसाइट भी डाउन रही। 9 मई को तो करीब 4 से 5 घंटे सर्वर डाउन रहा था, इस वजह से भी कई बच्चे रजिस्ट्रेशन करवाने से चूक गए।जेईई में अच्छी पर्सेंटाइल नहीं हैं तब भी कई विकल्पविशेषज्ञों का कहना है कि जेईई-मेन में अपेक्षानुसार अच्छी पर्सेंटाइल नहीं आने वाले छात्रों को निराश होने की आवश्यकता नहीं है। करीब 35 हजार विद्यार्थियों को ही आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी एवं जीएफटीआई में प्रवेश मिल पाता है। बाकी स्टूडेंट्स के पास इनके अलावा भी कई मुख्य इंजीनियरिंग संस्थान, बिट्स पिलानी, वीआईटी, मनीपाल, आईपीयू, अमृता, एसआरएम, क्यूसेट, एएमयू, कॉमेडके, यूपीईएस, सीएमआई, आईएसआई, एनमेट, कलिंगा, ट्रिपल आईटी हैदराबाद, एलपीयू जैसे इंजीनियरिंग संस्थानों के विकल्प उपलब्ध हैं।
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प्रतीकात्मक फोटो।

Source: Rajastahn
जेईई एडवांस्ड का एग्जाम स्किप करने वालों का ग्राफ 29.38 फीसदी पहुंचा