तोड़ा विश्वास….जीवनभर की जमा पूंजी हड़पी

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अजमेर. बच्चों को निवाला काटकर उनके भविष्य और शादी-ब्याह के लिए जोड़ी गई रकम बीसी संचालक और उसका परिवार चंद मिनटों में समेट कर फरार हो गया। नगरा क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों की महिलाओं का सुख-चैन छिन गया है। उनकी गाढ़ी कमाई लुटने के बाद जब भी बीसी की बात होती है तो उनकी आंखों से सिर्फ आंसू ही छलकते हैं।

नगरा क्षेत्र की मजदूर पेशा सैकड़ों महिलाएं गुरुवार को हाथों में पीली डायरियां थामे कलक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर मदद की गुहार लगाई। उन्होंने शिकायत में बताया कि दिहाड़ी मजदूरी कर जो कमाई होती थी, उसमें से कुछ बचत करके बीसी संचालक प्रमोद गुप्ता के यहां एफडी और मासिक बचत योजना में जमा करती थीं। गुप्ता अपने बेटे विजय गुप्ता, विकास गुप्ता और परिवार की महिलाओं के साथ विकास बचत योजना चलाता था। क्षेत्र के सैकड़ों परिवार गुप्ता के यहां बचत योजना का हिस्सा है जो अपने सामथ्र्य के मुताबिक बचत योजना में रकम जमा करवाते थे। गत 15 अप्रेल की रात गुप्ता परिवार करीब 30 करोड़ से ज्यादा की रकम हड़प कर फरार हो गया।

दुगने ब्याज के लालच में फंसे

पीडि़तों ने बताया कि लम्बे समय से प्रमोद गुप्ता बीसी व सोसायटी चलाने का काम करता था लेकिन कुछ दिन से उसने देनदारी बंद कर दी थी। वह लोगों को दोगुना ब्याज देने का झांसा देता था। दोगुना ब्याज के लालच में सिर्फ निम्न और मध्यमवर्गीय परिवार ही नहीं शहर के नामी व्यवसायियों की भी बड़ी रकम फंसी है।

पति से छुपकर बचत

नाम नहीं छापने की शर्त पर एक महिला ने बताया कि उसने शराबी पति से छुपाकर गुप्ता चूड़ी वाले के यहां बचत खाता खोला। हर महीने 1200 रुपए जमा करवाती थी, यह सोचकर कि बच्चों की शादी के वक्त ब्याज समेत अच्छी रकम मिल जाएगी। अब पति को यदि को पता चल गया तो वह बहुत नाराज होगा।

 

24 फीसदी का ब्याज का लालच

पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि प्रमोद गुप्ता बीसी, सोसायटी के नाम पर लोगों को 2 रुपए सैकड़ा प्रति माह यानी 24 प्रतिशत सालाना का ब्याज ले रहे थे जो किसी भी व्यवसाय में लौटाना नामुमकिन है। नगरा क्षेत्र के लोग भी धन दोगुना करने के लालच में अपना पैसा निवेश करते चले गए।

‘बीसी-सोसायटी सब गैरकानूनीÓ

बीसी संचालक प्रमोद गुप्ता की तलाश की जा रही है। गुप्ता ने बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की है तो भागने की तैयारी व छुपने का भी ठिकाना चुना होगा। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। आमजन को सजगता बरतनी चाहिए। बीसी-सोसायटी सब गैरकानूनी है। यदि कोई और भी सोसायटी या बीसी चल रही है तो लोगों को चाहिए कि अपना पैसा निकाल लें। सरकार की तरफ से किसी को मान्यता प्राप्त नहीं है। जो आज ज्यादा का लालच दे रहा है, वह कल जरूर भागेगा। ऐसे बीसी संचालक और सोसायटी संचालकों की पुलिस को सूचना दें।

कुंवर राष्ट्रदीप, पुलिस अधीक्षक

इनका कहना है…

बीसी संचालक प्रमोद गुप्ता और उसके परिवार की तलाश की जा रही है। अब तक एक सौ से ज्यादा पीडि़त सामने आ चुके है। मामले में एक शिकायत ली है। इसके अलावा पीडि़तों के बयान व दस्तावेज लिए जा रहे हैं। पूर्व में दर्ज की गई रिपोर्ट के साथ जोड़ दी जाएगी।
मुकेश चौधरी, थानाप्रभारी अलवर गेट

Source: Ajmer Patrika
तोड़ा विश्वास….जीवनभर की जमा पूंजी हड़पी