पहले उठ चुका है पुलिस की पिटाई से मौत का मामला

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अजमेर. पीसांगन थाने में पुलिस अभिरक्षा में चोरी के आरोपी की ओर से फांसी लगाने के बाद करीब 19 वर्ष पहले क्लॉक टावर थाने में हुए मामले की यादे भी ताजा हो गई है। उस समय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए थे।
जानकारी के अनुसार क्लॉक टावर थाने में वर्ष 2000 में क्लॉक टावर थाना पुलिस ने राजकीय महाविद्यालय के तत्कालीन अध्यक्ष धर्मेन्द्र मेघवंशी को पुलिस ने थाने में रखा। इस दौरान मेघवंशी की मौत हो गई। परिजनों ने तत्कालीन थानाधिकारी हरसहाय मीणा पर आरोप लगाए थे। बाद में मामले ने बड़ा तूल पकड़ा था। पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी हुई थी। उल्लेखनीय है कि पीसांगन में सोमवार शाम को चोरी के आरोपी मांगीलाल जाट ने फांसी लगा ली थी। सूचना पर पुलिस महानिरीक्षक संजीव नार्जरी, जिला पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप सिंह मौके पर पहुंचे थे। जिला पुलिस अधीक्षक ने थाने को लाइन हाजिर कर दिया। मामले में छह पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रात को ही मृतक का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक मांगीलाल पर कई मामले दर्ज थे।

 

Source: Ajmer Patrika
पहले उठ चुका है पुलिस की पिटाई से मौत का मामला