रफाल डील: फ्रांस सरकार ने अनिल अंबानी को दी 1052 करोड़ रुपए की छूट, कंपनी ने दी सफाई

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नई दिल्ली। रफाल डील पर सरकार और अनिल अंबानी की मुश्किलें कम नही हो पा रही है। अब इस डील में नया मोड़ आ गया है। दरअसल फ्रांसीसी अखबार ले मोंड ने खुलासा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राफेल सौदे के ऐलान के फौरन बाद फ्रांस सरकार ने अनिल अंबानी की कंपनी पर बकाया 1119 करोड़ रुपए के बकाए को माफ कर दिया था और सिर्फ 57 करोड़ रुपए में मामला रफा कर दिया था।
अखबार के संवाददाता ने ट्टीट कर दी जानकारीये मामला तब सामने आया जब ले मोंड अखबार के दक्षिण एशिया संवाददाता जूलियन बोसो ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर इसकी पूरी जानकारी दी।
 

Avec @annemichel_LM on vous explique comment la France a effacé la dette fiscale d’un industriel indien associé de Dassault, pendant les négociations de la vente de 36 Rafale à l'Inde. https://t.co/Tpw50cJg0c via @LaMatinale_M— julien bouissou (@jubouissou) April 13, 2019

ऐसे हुआ सारा खेल
आपको बता दें कि अनिल अंबानी की एक टेलिकॉम कंपनी जिसका नाम रिलायंस एटलांटिक फ्लैग फ्रांस है। अनिल की ये कंपनी फ्रांस में रजिस्टर्ड है। रिलायंस एटलांटिक पर साल 2007 से 2010 के बीच करीब 60 मिलियन यूरो की टैक्स देनदारी थी। कंपनी ने कुल देनदारी के बदले 7.6 मिलियन यूरो (करीब 57 करोड़ रुपए) चुकाकर मामले को रफा – दफा कर दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के बाद हुआ फैसला
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी अप्रैल 2015 में फ्रांस की कंपनी दसाल्ट से 36 रफाल विमान खरीदने के सौदे का ऐलान किया था। जब यह ऐलान किया गया तबतक अनिल अंबानी की कंपनी की देनदारी बढ़कर 151 मिलियन यूरो हो चुकी थी। लेकिन मोदी सरकार द्वारा राफेल खरीदने के ऐलान के 6 माह के बाद फ्रांस के टैक्स अधिकारियों ने रिलायंस के साथ सिर्फ 7.3 मिलियन यूरो (करीब 57 करोड़ रुपए) लेकर मामला रफा-दफा कर दिया गया। फ्रांस सरकार ने यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राफेल सौदे की घोषणा के फौरन बाद लिया था। पीएम मोदी ने जिस सौदे की घोषणा की थी उसके मुताबिक राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉस्ट का अनिल अंबानी की सिर्फ दो सप्ताह पुरानी कंपनी के साथ करीब 30,000 करोड़ रुपए का ऑफसेट करार हुआ था।
 
 कांग्रेस ने बोला हमला
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने शनिवार को मोदी सरकार पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि फ्रांस के जाने- माने अखबार ‘ले मोंडे’ में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जिसके मुताबित फ्रांस सरकार ने भारतीय उद्योगपति अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस अटलांटिक फ्लैग फ्रांस के 1119 करोड़ रुपए के बकाए को माफ कर सिर्फ 57 करोड़ रुपए में मामला रफा कर दिया था। सुरजेवाला ने कहा कि अखबार ने लिखा है कि यह छूट भारत सरकार की ओर से फ्रांस से फ्लाइंग वे हालत में तैयार 36 विमान खरीदने के ऐलान के 6 महीने बाद दी गई थी। इस आधार पर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ये छूट रफाल सौदे के बदले में ‘AA’ के एजेंट की मदद से दी गई है।
रिलायंस कम्युनिकेशन ने दी प्रतिक्रिया
फ्रांसीसी अखबार की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए रिलायंस कम्यूनिकेशन ने किसी भी तरह की अनियमितता को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि टैक्स विवाद को उन कानूनी प्रावधानों के तहत हल किया गया, जो फ्रांस में संचालित सभी कंपनियों के लिए उपलब्ध हैं।
 
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Murky Layers of ‘Corruption’ & ‘Money Trail’ in the Rafale Scam Saga is Out ! pm modi acted as a middleman for his Crony friend ‘AA’ !French Govt waived off € 143.7 Million of Tax Liability of Modi’s Crony Friend ‘AA’!एक ही चौकीदार चोर है – अब चोरी रंगे हाथों पकड़ी गयी है! pic.twitter.com/IRCX9XKK4N— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) April 13, 2019

Source: business patrika
रफाल डील: फ्रांस सरकार ने अनिल अंबानी को दी 1052 करोड़ रुपए की छूट, कंपनी ने दी सफाई

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