रिप्स योजना लागू होने से होगा नया निवेश

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भीलवाड़ा।
राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना पुन: लागू होने की घोषणा से भीलवाड़ा टेक्सटाइल उद्योगों के विकास को गति मिलेगी। यह योजना सात साल के लिए लागू रहेगी। रिप्स-२०१५ योजना जीएसटी लागू होने के बाद बीच में बन्द हो गई थी। नए निवेश व रोजगार के लिए ७ सालों के लिए उद्यमी की ओर से देय एवं जमा राज्य की जीएसटी का शत-प्रतिशत तक पुनर्भरण किया जाएगा। रोजगार को बढ़ावा देने के लिए नियोक्ता की ओर से कर्मचारियों के लिए अदा की गई ईफीएफ अंशदान का पुरुषों के लिए ५० प्रतिशत तथा महिलाओं के लिए ७५ प्रतिशत तक अंशदान का पुनर्भरण एवं नए निवेश पर इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी, स्टाम्प ड्यूटी व मण्डी शुल्क में शत-प्रतिशत तक छूट मिलेगी। हालांकि उद्यमियों को आशंका है कि योजना में स्पष्ट उल्लेख नहीं है कि ऋण ब्याज पर पहले की तरह ५ व ६ प्रतिशत ब्याज का अनुदान मिलेगा या नहीं।
ऋण पर लगेगा ०.२५ प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी
उद्योगों के लिए बैंकों से लिए जाने वाले ऋण पर अब स्टाम्प ड्यूटी ०.२५ प्रतिशत देनी होगी। पहले यह ०.१५ प्रतिशत थी। इसके अलावा अधिकतम देय राशि पांच लाख रुपए थी उसे बढ़ाकर अब २५ लाख रुपए कर दी गई है।
उद्यमियों का कहना है कि इसका असर भीलवाड़ा के हर उद्योग पर पड़ेगा, क्योंकि वीविंग, स्पिनिंग, प्रोसेस, सहित अन्य उद्योगों में होने वाला निवेश ऋण के बिना संभव नहीं है।

Source: Bhilwara Patrika
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