सब्जियों ने खाया 'भावÓ रसोई का बिगड़ा बजट

0
4

बिजयनगर (अजमेर). कस्बे में हरी सब्जियों के भावों में अप्रत्याक्षित बढ़ोतरी के चलते लोगों के घरों में रसोई का बजट प्रभावित हो रहा है, वहीं गरीब के घर की रसोई से हरी सब्जियां नदारद होती जा रही हैं। इस बार बरसात की कमी के चलते क्षेत्र के कुएं बावड़ी एनीकट तालाबों सहित सिंचाई संसाधनों में पानी की कमी के चलते तथा मानसून की बेरुखी के चलते खेतों में सब्जियों की पैदावार पर विपरीत असर पड़ा है।

पानी की पर्याप्तता के अभाव में सब्जियों की पैदावार पर बुरा असर पड़ा है। हरी पत्ते वाली सब्जियों की कमी के चलते कई सब्जियां गुजरात आदि राज्यों से मंगवाई जा रही हैं। इससे माल की कमी, परिवहन खर्च, सब्जियों के रखरखाव आदि का खर्च बढ़ जाने से मंडी में रिटेल में हरा धनियां 100 रुपए किलो, टमाटर 40 रुपए किलो, भिण्डी 80 रुपए किलो, नीबू 100 रुपए किलो, गवार फली 120 रुपए किलो, तिरोही 100 रुपए किलो, केरी 80 रुपए किलो, हरी दाना मैथी 100 रुपए किलो, शिमला मिर्च 80 रुपए किलो, हरी मिर्च 40 रुपए किलो, टिण्डसी 100 रुपए किलो, सहित खीरा ककडी, करेला, अदरक सहित अनेक सब्जियां महंगे भावों में बिक रही हैं।

सब्जियों की कमी के चलते तथा लम्बी दूरी परिवहन के कारण लगने वाले समय से सब्जियों के स्वाद में भी अन्तर का अहसास हो रहा है। आम दिनों की बजाय सब्जियों के भावों में दोगुने तिगुने भाव होने के कारण आम जन का बजट प्रभावित हो रहा है।

Source: Ajmer Patrika
सब्जियों ने खाया 'भावÓ रसोई का बिगड़ा बजट