सभी अस्पतालों की तय होगी रैंकिंग, लेबर रूम पर फोकस

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जयपुर | प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप जिला अस्पताल से लेकर जिला अस्पतालों की अब प्रदेश स्तरीय रैंकिंग तय की जाएगी। इन सभी को ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही इनमें उपचार, दवाओं की उपलब्धता आदि के आधार पर रैंक दी जाएगी। सर्वोच्च प्राथमिकता लेबर रूम की गुणवत्ता को जाएगी। कुल 40 पैमानों को आधार मानकर इन सब की जांच करवा रैंकिंग तय होगी। हर माह सभी की रैंक घोषित भी की जाएगी। एनएचएम मिशन डॉयरेक्टर डॉ. समित शर्मा ने बताया कि जिला औषधि भंडारों पर उपलब्ध सभी दवाएं निर्धारित प्रावधानों के अनुसार दवा वितरण केन्द्रों पर उपलब्ध होना आवश्यक किया है। 31 मार्च तक प्रत्येक अस्पताल में उपलब्ध दवाओं की मात्रा का ई-औषधि सॉफ्टवेयर से मिलान करने के भी निर्देश दिए हैं। चिकित्सा केन्द्रों पर आवश्यक दवाईयों की उपलब्धता, अनुपलब्धता एवं अवधिपार दवाईयों की स्थिति आदि की ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए एप्लीकेशन ‘ई-औषधि मोबाइल एप’ तैयार की गई है। यह एप प्रदेश के समस्त राजकीय चिकित्सकों के लिए काम करेगा। कैसे करेंगे 40 मानदंडों की मॉनिटरिंग प्रदेश के सभी प्रकार के औषधालयों की 40 पैमानों मॉनिटरिंग की जाएगी। लेबर रूम की स्थित, कक्ष की हालत, उपकरणों की स्थिति, प्रसूता की सुरक्षा, जच्चा-बच्चा की देखरेख, अस्पताल की सफाई, चिकित्सकों की संख्या, स्टाफ की उपलब्धता, भवन की स्थिति, जांच उपकरण, स्पेशलिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, सहायक से लेकर मरीज की सेवा संतुष्टि आदि पैमानों पर आधारित यह मॉनिटरिंग की जाएगी।
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Source: Rajastahn
सभी अस्पतालों की तय होगी रैंकिंग, लेबर रूम पर फोकस