सियाराम और मयूर सहित प्रदेश के तीन वेटलिफ्टर्स डोपिंग में फंसे

0
4

जयपुर (रोहित सैनी).खेलों में अपनी प्रदर्शन क्षमता बढ़ाने के लिए प्लेयर्स द्वारा बिना डाॅक्टर की सलाह के शक्तिवर्धक दवाओं का सेवन कोई नई बात नहीं है। नेशनल और इंटरनेशनल टूर्नामेंट्स में ऐसी घटनाएं अक्सर देखने को मिलती रहती हैं, लेकिन डोपिंग का यह दंश अब छोटे टूर्नामेंट्स में भी पैर पसारने लगा है। पिछले साल दिसंबर में आयोजित राज्यस्तरीय वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में नाडा की टीम ने वेटलिफ्टर्स के सैंपल लिए थे। इनमें तीन प्लेयर्स का ए सैंपल पाॅजीटिव आया है। इनमें सियाराम गुर्जर व निशा (बदला हुआ नाम) एसएमएस और मयूर यादव चौगान स्टेडियम में प्रैक्टिस करते हैं। खास बात यह है कि इन तीनों प्लेयर्स ने इस टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीते थे।मैं बेकसूर हूं, इसलिए बी-सैंपलके लिए अप्लाई किया^मैं नियमित रूप से चाैगान स्टेडियम में प्रैक्टिस करता हूं। ए-सैंपल पाॅजीटिव आने से हैरान हूं। मुझे बेकसूर होने का पूरा विश्वास है, इसलिए बी-सैंपल के लिए भी अप्लाई किया है। बी-सैंपल चेक करवाने के लिए 11,000 रुपए फीस लगती है। अभी तक बी-सैंपल का रिजल्ट नहीं आया है। मैं सभी मेडिसिन जयपुर जिला संघ के पूर्व सचिव प्रमोद खंडेलवाल की सलाह पर लेता हूं।-मयूर यादव, जयपुरअभी तक नाडा के लेटर काजवाब नहीं दिया^मुझे करीब एक महीने पहले नाडा से ए-सैंपल पाॅजीटिव होने के संबंध में लेटर मिला था। अभी तक लेटर का जवाब नहीं दिया है। मैंने टूर्नामेंट के दौरान कुछ जरूरी प्रोटीन और दूसरी वस्तुओं का सेवन किया था। परिवार में शादी है। इससे फ्री होने के बाद ही कुछ कार्रवाई करूंगा। जब जयपुर में होता हूं तो एसएमएस स्टेडियम में प्रैक्टिस करता हूं। -सियाराम गुर्जर, सवाईमाधोपुरबी-सैंपल के रिजल्ट आने की होगी कार्रवाई^ उदयपुर में आयोजित इस टूर्नामेंट में नाडा ने 10 प्लेयर्स के सैंपल लिए थे, इनमें से अभी तक सिर्फ तीन के ही रिजल्ट आए हैं। जहां तक प्लेयर्स को दोषी मानने का सवाल है तो बी-सैंपल का रिजल्ट आने के बाद ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी तक मयूर ने बी-सैंपल दिया है। बाकी प्लेयर्स को बी-सैंपल की तारीख मिलने के बाद उनकी फीस जमा होगी। यह एक लंबी प्रक्रिया है।-रतनलाल शर्मा, सचिव, राज्य वेटलिफ्टिंग संघ^मैंने कभी किसी प्लेयर काे एेसी सलाह नहीं दी। जाे प्लेयर्स जिस काेच के पास प्रैक्टिस करता है, यह उसकी जिम्मेदारी हाेती है। – प्रमाेद खंडेलवाल, पूर्व सचिव, जयपुर जिला वेटलिफ्टिंग संघा^जिस लड़की के डोपिंग में फंसने की बात हो रही है, वह एलर्जी की दवा ले रहे थी। हो सकता है कि ओवरडोज हो गई हो। -रजनी उपाध्याय, वेटलिफ्टिंग कोच, एसएमएस
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

मयूर यादव और सीताराम गुर्जर।

Source: Rajastahn
सियाराम और मयूर सहित प्रदेश के तीन वेटलिफ्टर्स डोपिंग में फंसे