सोलर प्लांट लगाने वाले को राहत, केप्टिव पावर प्लांट उद्योगों पर गाज

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भीलवाड़ा।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट में टेक्सटाइल उद्योग के लिए कई राहतों की घोषणा की। दो साल से बन्द राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना पुन: सात साल के लिए लागू करने की घोषणा से टेक्सटाइल उद्यमियों में हर्ष है। सोलर एनर्जी प्लांट पर लग रहे ४० पैसा प्रति यूनिट इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी मार्च २०२० तक के लिए समाप्त कर दी गई है। केप्टिव पावर प्लांट पर ४० पैसा प्रति यूनिट इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी ढाई गुना बढ़ाकर एक रुपए कर दी गई है। इसका असर केवल भीलवाड़ा के तीन बड़े उद्योगों पर पड़ेगा।
३१ मार्च १८ से लागू थी इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी
सोलर एनर्जी प्लांट लगाकर स्वयं की बिजली काम लेने वाले टेक्सटाइल उद्योगों को बड़ी राहत मिली है। वर्ष २०१६ में निजी उपयोग में काम में लिए जाने वाले सोलर विद्युत उत्पादन से इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी ३१ मार्च २०१८ तक के लिए मुक्त की गई थी। ३१ मार्च २०१८ की अवधि समाप्त होने के बाद इस पर ध्यान नहीं दिया। ऐसे में अजमेर डिस्कॉम के अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता ने सोलर प्लांट से ४० पैसा प्रति यूनिट की दर से इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी वसूलने के आदेश जारी कर दिए थे। इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी जोड़कर बिल भेज दिया। उद्यमी सरकार ने इसकी अवधि बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इस स्वीकार करते हुए ३१ मार्च २०१८ से ३१ मार्च २०२० तक के लिए ४० पैसा प्रति यूनिट की दर से इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी को समाप्त कर दिया गया है। इससे भीलवाड़ा के लगभग १७५ उद्योगों को राहत मिली है।
केप्टिव पावर प्लांट पर विद्युत कर
केप्टिव पावर प्लांट पर विद्युत कर एक रुपए करने का असर भीलवाड़ा, चित्तौडग़ढ़ के पांच बड़े उद्योगों पर पड़ेगा। इनमें संगम स्पिनर्स, नितिन स्पिनर्स, आरएसडब्ल्यूएम, चित्तौडग़ढ़ के बिड़ला सीमेन्ट, हिन्दुस्तान जिंक शामिल है। जिंक उदयपुर वाणिज्यिक कर विभाग में रजिस्ट्रर्ड होने से इसका फायदा भीलवाड़ा को नहीं मिलेगा। इन चार उद्योगों से पिछले दो सालों में लगभग २२-२२ करोड़ रुपए विद्युत कर के रूप में वसूल किए गए थे। अब इन चारों उद्योग से लगभग ५५ करोड़ से अधिक की वसूली प्रतिवर्ष होगी।
विद्युत कर का इन पर पड़ेगा भार
उद्योग मेगावॉट २०१७-१८ २०१८-१९
आरएसडब्ल्यूएम ४६.०० ६२३.५० ६२७.०९
बिड़ला चन्देरिया ३६.०० ८२५.८७ ७७८.१९
संगम इंण्डिया १६.०० ५६९.६४ ६७८.६५
नितिन स्पिनर्स १०.५० ११०.१४ ९४.५१
योग २१२९.१५ २१७८.४४
नोट: विद्युत कर लाखों रुपए में है।

Source: Bhilwara Patrika
सोलर प्लांट लगाने वाले को राहत, केप्टिव पावर प्लांट उद्योगों पर गाज