13 साल पहले ऐसा किया कर्मकांड, अब भुगतेंगे सजा….आखिर क्या है माजरा… जानने के लिए पढि़ए यह खबर

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कोटा. भूखंड को अपने परिजनों का बताकर परिवादी से तीन लाख रुपए हड़पने के करीब 13 वर्ष पुराने मामले में न्यायालय ने दो जनों को 5 साल के कठोर कारावास व 1 लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि दो जनों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। पुलिस ने बताया कि 12 जून 2006 को परिवादी इन्द्र लालवानी ने पुलिस अधीक्षक कोटा शहर के समक्ष परिवाद पेश किया। जिसमें उसने बताया कि 2006 में भूखंड खरीदने के लिए उसका बजरंग नगर निवासी प्रोपर्टी डीलर विनोद गुप्ता, आरके पुरम निवासी राजेन्द्र सेन, बारां निवासी हाल मुकाम नयापुरा भुवनेश शर्मा उर्फ राजू व महावीर नगर तृतीय निवासी ओम तिवारी उर्फ ओम प्रकाश तिवारी से मुलाकात हुई। आरोपी भुवनेश तथा अनिल शर्मा ने उसे कोटड़ी बजरंग नगर में 25 गुणा 45 वर्गफीट का भूखंड अपनी मां पूर्णिमा देवी का बताते हुए दिखाया था। ओमप्रकाश तिवारी ने 24 मार्च 2006 को 3 लाख रुपए में भूखंड फाइनल कर दिया। इस पर पीडि़त ने 3 लाख रुपए का नकद भुगतान कर लिखापढ़ी करवा ली। 25 जून 2006 को जब वह नींव खोदने पहुंचा तो पास रहने वाले एक व्यक्ति ने भूखंड अपने परिचित का बताते हुए काम करने से रोक दिया। जिसके बाद परिवादी आरोपियों के पास भूखंड का भौतिक कब्जा दिलाने के लिए कहा तो आरोपियों ने परिवादी को धमकाते हुए वहां से भाग दिया। पीडि़त ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। इस पर एएसपी के आदेश पर नयापुरा पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
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पुलिस ने आरोपी भुवनेश व ओमप्रकाश तिवारी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इसके बाद अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया। अदालत ने इस मामले में भुवनेश शर्मा व ओमप्रकाश को दोषी मानते हुए 5 साल का कठोर कारावास व 1 लाख रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया। प्रोपर्टी डीलर दिनोद गुप्ता व राजेन्द्र सेन को दोषमुक्त कर दिया।
Source: Kota Rss
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